ई-जागृति
यह देश भर में उपभोक्ता शिकायत निवारण को रूपांतरित करने हेतु एक एकीकृत डिजिटल मंच है। यह मंच ओसीएमएस (ऑनलाइन कंप्यूटरीकृत निगरानी प्रणाली), ई-दाखिल, एनसीडीआरसी-सीएमएस (राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-उपभोक्ता मध्यस्थता प्रकोष्ठ) और कन्फोनेट पोर्टल (देश में उपभोक्ता मंचों का कम्प्यूटरीकरण और कंप्यूटर नेटवर्किंग) जैसी प्रणालियों को एक सहज इंटरफेस में एकीकृत करता है। जिससे उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग स्थानों पर अपनी शिकायत दर्ज नहीं करवानी पड़ती है। ई-जागृति मंच पर इसके शुभारंभ के पश्चात् से, एनआरआई सहित दो लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हुए हैं।
शुभारंभ : भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग के द्वारा 1 जनवरी, 2025 को शुरू किया गया था।
प्रमुख विशेषताएं:
- यह मंच ओटीपी-आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से उपभोक्ताओं और अधिवक्ताओं को पंजीकरण करने में सक्षम बनाता है।
- भारत या विदेश में कहीं से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- शुल्क का भुगतान ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है और मामले की प्रगति को वास्तविक समय में ट्रैक कर सकते हैं।
- दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान, आभासी सुनवाई, SMS और ईमेल द्वारा अपडेट।
- बहुभाषी समर्थन और चैट बॉट सहायता।
- नेत्रहीन और बुजुर्ग उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए वॉयस-टू-टेक्स्ट की सुविधा।
- त्वरित, दूरस्थ सुनवाई के लिए आभासी न्यायालय, जिससे भौतिक अवसंरचना पर निर्भरता कम होती है।
- निर्बाध शुल्क लेनदेन के लिए Bharat Kosh (भारत कोष) और PayGov भुगतान गेटवे को एकीकृत करता है।
महत्व
- कार्यप्रवाहों को पूर्णतः डिजिटल बनाकर कागज़ी कार्यवाही और अनावश्यक आवाजाही कम करता है।
- दृष्टिबाधित और वृद्ध व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधाएँ।
- यह उपभोक्ता आयोगों की दक्षता को बढ़ाता है और पर्यावरणीय स्थिरता का समर्थन करता है।
- पहुँच, पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाता है।