भारतीय वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के दायित्वपूर्ण और नैतिक सक्षमता (FREE-AI) के लिए रूपरेखा
भारतीय वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के दायित्वपूर्ण और नैतिक सक्षमता (FREE-AI) के लिए रूपरेखा
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा वित्तीय क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उत्तरदायी और नैतिक उपयोग हेतु एक रूपरेखा (FREE-AI) विकसित करने के लिए गठित समिति का उद्देश्य AI के जोखिमों को कम करते हुए नवाचार को बढ़ावा देना है। समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में छह कार्यनीतिक स्तंभों के तहत 26 कार्रवाई योग्य अनुशंसाएँ प्रस्तुत की हैं।
सप्त-सूत्र (मूलभूत सिद्धांत)
- ट्रस्ट इज द फाउंडेशन (विश्वास ही नींव है)
- पीपल फर्स्ट (लोग पहले)
- इनोवेशन ओवर रेस्टोरेंट (प्रतिबंध से परे नवाचार)
- फेयरनेस एंड इक्विटी (निष्पक्षता और समानता
- अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही)
- अंडरस्टैंडेबल बाय डिज़ाइन (डिज़ाइन द्वारा समझने योग्य)
- सेफ्टी, रेसिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी (सुरक्षा, लचीलापन और स्थिरता)
प्रमुख अनुशंसाएँ
नवाचार प्रोत्साहन हेतु
- AI तक पहुँच को सुलभ बनाने के लिए साझा अवसंरचना की स्थापना करना।
- एक AI नवाचार सैंडबॉक्स का निर्माण करना।
- स्वदेशी वित्तीय क्षेत्र-विशिष्ट AI मॉडलों का विकास करना।
जोखिम न्यूनीकरण हेतु
- विनियमित संस्थाओं (REs) के लिए निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित AI नीति का निरूपण करना।
- उत्पाद अनुमोदन प्रक्रियाओं का विस्तार करना।
- AI प्रणालियों हेतु उपभोक्ता संरक्षण और लेखा परीक्षण को सुदृढ़ करना।
- साइबर सुरक्षा और घटना रिपोर्टिंग तंत्र को उन्नत करना।
लक्ष्य
एक ऐसे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना जहाँ नवाचार और जोखिम न्यूनीकरण दोनों सामंजस्य के साथ प्रगति करें।